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पूर्व विधायक अतीन घोष और उनकी बेटी को पुलिस का समन
कोलकाता। जबरन संपत्ति कब्जाने और 50 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में पूर्व तृणमूल विधायक अतीन घोष और उनकी पुत्री प्रियदर्शिनी घोष की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। एक होटल व्यवसायी की शिकायत के आधार पर विधाननगर उत्तर थाना पुलिस ने दोनों को पूछताछ के लिए इसी सप्ताह थाने में उपस्थित होने का समन जारी किया है। व्यवसायी का आरोप है कि दबाव बनाकर और कम कीमत देकर उनकी संपत्ति पर अवैध तरीके से कब्जा किया गया। यह मामला पहले प्रगति मैदान थाने में दर्ज था, जिसे बाद में जांच के लिए विधाननगर उत्तर थाने स्थानांतरित किया गया।
दूसरी ओर, पूर्व विधायक अतीन घोष ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें अभी तक कोई आधिकारिक नोटिस नहीं मिला है और वे शिकायतकर्ता को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते। अतीन घोष के मुताबिक, उनकी पुत्री ने संबंधित पक्ष से पूरी तरह वैध तरीके से संपत्ति खरीदी थी और इसका पूरा रिकॉर्ड मौजूद है। अपने 50 वर्षों के बेदाग राजनीतिक जीवन का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि वे जांच के हित में पुलिस का पूरा सहयोग करने के लिए तैयार हैं।
प्रियदर्शिनी घोष ने भी सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए उल्टा शिकायतकर्ता पक्ष पर ही धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उनके पास सभी वैध कानूनी दस्तावेज मौजूद हैं जो उनके पक्ष को सही साबित करेंगे। झूठे आरोपों से छवि खराब करने वालों के खिलाफ वे जल्द ही कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर करेंगी।
गौरतलब है कि अतीन घोष वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में काशीपुर-बेलगाछिया सीट से तृणमूल के विधायक चुने गए थे, लेकिन हालिया विधानसभा चुनाव में उन्हें भाजपा प्रत्याशी रितेश तिवारी के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और पूछताछ के बाद ही सच सामने आ सकेगा।